Thursday, July 17, 2008

लोटस इंडिया ने स्थिर अवधि योजना शुरू किया - १७ जुलाई २००८

हिन्दी रूपांतर

लोटस इंडिया मुचुअल फंड ने लोटस इंडिया स्थिर अवधि योजना - 3 महीने -श्रंखला ३३ शुरू कियाइस फंड का NFO मूल्य १० रुपये पर यूनिट हैयह फंड १६ जुलाई २००८ को खुलाइसमे न्यूनतम निवेश की राशि ५००० रुपये हैयह योजना ९० दिनों की हैयह योजना आय की योजना है

English Translation

Lotus India mutual fund has launched Lotus India Fixed Maturity Plans-3 Month- Series XXXIII. The NFO price for the fund is Rs 10 per unit. The fund is open only for a day on 16 July 2008. The minimum investment amount is Rs 5,000 and in multiples of Re 1 thereafter. The scheme will be having 90 days maturity. This scheme is a close-ended income scheme.

Monday, June 30, 2008

जे एम आर्थिक मुचुअल फंड द्वारा कम से कम निवेश राशि का पुनरीक्षण - जून 30, 2008

हिन्दी रूपांतर
जे एम आर्थिक मुचुअल फंड ने जे एम उच्च नकदी फंड - रोजाना लाभांश योजना और जे एम तरल फंड - अधिमूल्य योजना के लिए कम से कम निवेश राशि का पुनरीक्षण पेश किया हैं । सभी परिवर्तन 27 जून 2008 को प्रभावकारी ढंग से लागू किए जाएँगे।

English Translation
JM Financial Mutual Fund has announced the revision of the minimum investment amount for JM High Liquidity Fund-Daily Dividend Plan and JM Liquid Plus Fund-Premium Plan. The changes will be effective from 27 June 2008.

Monday, June 16, 2008

ऐ बी ऍन अम्रो में फंड मेनेजर की नियुक्ति - June 16, 2008

हिन्दी रूपांतर

श्रीमती, सुकन्या घोष को ,श्री आर शिवकुमार की जगह पर पूंजी मेनेजर का पद समर्पित किया गया है शिवकुमार ने समुन्द्रपार योजित निवेश के लिए बी ऍन अमरो मुचुअल पूंजी कोबी ऍन अमरो चाइना भारतीय पूंजी मे शामिल किया है। श्री आर रेड्डी को बी ऍन अमरो अवसर पूंजी और बी ऍन अमरो का पूंजी मनेगेर बनाया गया श्री अमित निगम और श्री आर के सीवाकुमार को बी ऍन अमरो को पूंजी मनेगेर की श्रृंखला का पूंजी मनेगेर बनाया गया श्री आलोक सिंहबी ऍन अमरो मासिक आए योजना का तये संविभाग बनाया गया श्री अमित निगम और श्री सुकन्या घोष को बी ऍन अमरो चाइना भारतीय आय प्रशिक्षित करेंगे । सभी परिवर्तन जो े ऊपर किए गये है 16 जून 2008 से लागू होंगे।


English Translation
Ms. Sukanya Ghosh has been appointed as a dedicated fund manager in place of Mr. R. Sivakumar for all overseas investments by schemes of ABN AMRO mutual Fund including ABN AMRO China India Fund. Mr. K.C. Reddy will be the Fund Manager of ABN AMRO Opportunities Fund and ABN AMRO Future Leaders Fund Mr. Amit Nigam and Mr. R.K. Sivakumar will be the fund managers of all series of ABN AMRO Multi Managers Fund Mr. Alok Singh will manage fixed Income Portfolio of ABN AMRO Monthly Income Plan. Mr Amit Nigam and Mr Sukanya Ghosh will manage ABN AMRO China India Fund. All the above-mentioned changes will be effective from 16 June 2008.

Saturday, May 17, 2008

मर्केटर लाइंस में निवेश करें - May 17, 2008

मध्यम अवधि में यह 140 से 149 रुपए के स्तर को छू लेगा और अगर इस स्तर को तोड़ कर ऊपर जाता है तो अगला स्तर 163-165 रुपए होगा। सल्हाकारो ने मर्केटर लाइंस में निवेश के लिए कहा है और यह स्टॉक काफी मजबूत दिख रहा है। 110 रुपए के ऊपर जाकर यह एक प्रतिरोधक स्तर तोड़ चुका है और ऐसा मानना है कि यहां से यह काफी ऊपर जाएगा। मध्यम अवधि में इस स्टॉक से काफी मजबूती की उम्मीद है।

Thursday, March 13, 2008

विदेशी निवेश के नए दिशा-निर्देश जारी

नई दिल्ली। नागर विमान, औद्योगिक पार्क, जिंस वायदा बाजार और खनन क्षेत्र में विदेशी हिस्सेदारी की सीमा में संशोधन के निर्णय के बाद सरकार ने आज इन क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश से संबंधित नए दिशा-निर्देश जारी किए।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी नागर विमान क्षेत्र संबंधी दिशा-निर्दश इस प्रकार हैं:-

- देश में नए हवाई अड्डों के निर्माण में एयरक्राफ्ट नियमावली 1934 की शर्तों का पालन करते हुए विदेशी कम्पनियों को स्वतः स्वीकृत रुप से 100 प्रतिशत शेयर पूंजी निवेश की छूट है।

- इस समय चल रही परियोजनाओं में भी विदेशी निवेश भागीदारी 100 प्रतिशत तक जा सकती है पर 74 प्रतिशत से ऊपर के लिए सरकार से अनुमति लेनी पड़ेगी।

- विदेशी कम्पनियों यात्री वायुयान सेवा क्षेत्र में विदेशी विमानन कम्पनियों को केवल कार्गो एयरलाइंस, हेलीकॉप्टर और समुद्र से उड़ने और उतरने वाली विमान सेवाओं में ही शेयर पूंजी लगाने की अनुमति होगी।

- शेड्यूल्ड, नॉन शेड्यूल्ड और चार्टर्ड यात्री एयरलाइन सेवा में विदेशी एयरलाइनों के प्रत्यक्ष या परोक्ष निवेश पर पूरी पाबंदी होगी।

- शेड्यूल यानी नियत रुप से चलने वाली सार्वजनिक एयर ट्रांसपोर्ट सेवा, घरेलू शेड्यल्ड यात्री विमान सेवा कम्पनियों में सीधी विदेशी भागीदारी 49 प्रतिशत रहेगी और प्रवासी भारतीयों को इनमें 100 प्रतिशत का निवेश करने की छूट होगी।

- गैर शेड्यूल ट्रांसपोर्ट सेवा, गैर शेड्यूल एयरलाइन, चार्टर्ड एयरलाइंस और कार्गो एयरलाइंस में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 74 प्रतिशत और प्रवासी भारतीयों को 100 प्रतिशत तक भागीदारी की छूट होगी।

- हेलीकॉप्टर सेवाओं और सीप्लेन सेवा में नागर विमानन महानिदेशालय की स्वीकृति के बाद 100 प्रतिशत तक एफडीआई की छूट होगी।

- ग्राउंड हैंडलिंग सेवा में 74 प्रतिशत एफडीआई, और प्रवासी भारतीयों को शतप्रतिशत निवेश की छूट होगी।

- मेंटेनेंस और रिपेयर सेवाओं में शतप्रतिशत विदेशी निवेश की छूट।

- औद्योगिक पार्कों से संबंधित दिशानिर्देश, औद्योगिक पार्क योजनाओं में वर्ष 2000 से शत-प्रतिशत विदेशी निवेश की छूट चल रही है लेकिन 2005 के एक प्रेस नोट के जरिए इस पर न्यूनतम विदेशी पूंजी और भू क्षेत्र की शर्तें लगा दी गई थीं।

- संशोधित दिशा-निर्देशों के तहत विदेशी कम्पनियों पर 2005 की शर्तें नहीं लागू होंगी बशर्ते:-

- उनके औद्योगिक पार्क में कम से कम दस इकाइयां स्थापित हों और कोई एक इकाई 50 प्रतिशत से अधिक का क्षेत्र न घेरे हो।

- उस पार्क के कुल क्षेत्र में औद्योगिक क्रियाओं वाला क्षेत्र 66 प्रतिशत से कम न हो।

वायदा बाजार चलाने वाले जिंस बाजारों में विदेशी निवेश संबंधी दिशानिर्देश इस प्रकार हैं:-

- जिंस वायदा बाजार में विदेशी विनिमय प्रबंधन कानून के दायरे में और सरकार की पूर्व अनुमति के आधार पर कुल विदेशी निवेश 49 प्रतिशत विदेशी निवेश की अनुमति होगी।

- इसमें प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 26 प्रतिशत और विदेशी संस्थागत निवेश (एफआईआई) 23 प्रतिशत तक हो सकता है।

- एफआईआई निवेश शेयर बाजारों के जरिए ही किया जा सकता है यानी सूचीबद्ध जिंस एक्सचेंज में ही विदेशी निवेश 49 प्रतिशत तक जा सकता है।

- इनमें किसी एकल विदेशी निवेशक या व्यक्ति को पांच प्रतिशत से अधिक शेयर खरीदने की अनुमति नहीं।

समुद्री रेत में पाए जाने वाले टाइटेनियम खनिज के खनन में एफडीआई संबंधी दिशा-निर्देश:-

- टाइटेनियम वाले खनिजों और अयस्कों के खनन में सरकार की अनुमति के साथ 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की छूट, इस मामले में मूल्य वर्धन आदि की क्रिया को लेकर खान एवं खनिज विकास अधिनियम 1957 की शर्तें प्रभावी होंगी।

- परमाणु ऊर्जा से संबंधित नियम कानून लागू रहेंगे।

- विदेशी निवेशकों को खनिजों या अयस्कों से टाइटेनियम निकालने का संयंत्र भारत में ही लगाना होगा और प्रौद्योगिकी भी हस्तांतरित करनी होगी।

- टाइटेनियम अलग करने की प्रक्रिया में बचे माल का निस्तारण परमाणु ऊर्जा (विकिरण सुरक्षा) अधिनियम 2004 और परमाणु कचरे के सुरक्षित निस्तारण संबंधी नियमों के तहत करना होगा।

Saturday, February 23, 2008

तमिलनाडुः थाईलैंड पांच करोड़ डॉलर निवेश करेगा

तमिलनाडु के चेन्नई में थाईलैंड बिजली उपकरणों के कल पुर्जें का एक कारखाना स्थापित करने के लिए पांच करोड़ डॉलर का निवेश करेगा।

राज्य के मुख्यमंत्री एम. करूणानिधि से मुलाकात करने के बाद थाईलैंड भारत व्यापार महासंघ के अध्यक्ष अनुशान मुत्तार्द ने कहा कि चेन्नई के बाहरी इलाके ओरागडम में डेल्टा एनर्जी सिस्टम कारखाना 45 एकड़ क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कारखाने में लगभग दस हजार स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।

Monday, February 4, 2008

रिलायंस कॉम की बड़ी निवेश योजना

मुम्बई। देश की मोबाइल फोन सेवा क्षेत्र की दूसरी बडी कम्पनी रिलायंस कम्युनिकेशंस आगामी वित्त वर्ष में अपने वायरलेस नेटवर्क का विस्तार करने पर करीब छह अरब डॉलर का निवेश करेगी।

कम्पनी के अध्यक्ष अनिल अम्बानी ने यहां चालू वित्त वर्ष के लिए तीसरी तिमाही के परिणाम घोषित करने के बाद यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में कम्पनी का निवेश पांच अरब डॉलर तक रहेगा।

रिलायंस कॉम 690 तक जा सकता है

सीडीएमए मोबाइल फोन के कारोबार की रिलायंस कम्युनिकेशंस अपना कारोबार मौजूदा आठ सर्किलों की तुलना में सभी 23 सर्किलों में फैला रही है। कम्पनी ने इस माह के शुरू में अतिरिक्त स्पेक्ट्रम मिलने की जानकारी थी जिससे कि वह ऐसे क्षेत्रों में जहां फिलहाल वह कारोबार में नहीं है जीएसएम सेवा शुरू करेगी।

चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कम्पनी ने बाजार उम्मीदों से कहीं बेहतर परिणाम घोषित किए। कम्पनी का शुद्ध लाभ पहले के 924 करोड़ रुपए की तुलना में 49 प्रतिशत बढ़कर 1,373 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। चार करोड़ से अधिक उपभोक्ता रखने वाली रिलायंस कम्युनिकेशंस ने इस दौरान 4,776 करोड़ रुपए की शुद्ध बिक्री की जो पिछले साल इसी अवधि में 4,943 करोड़ रुपए थी।

Wednesday, January 30, 2008

सेबी विदेशी निवेश स्थिरता को सुधारे

शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को विदेशी पोर्टफोलियो निवेश की स्थिरता में सुधार करने की जरूरत है।

यह बात फिक्की तथा अर्न्स्ट एंड यंग के एक अध्ययन में कही गयी है।

अध्ययन में कहा गया घरेलू पूंजी बाजार विशेषकर इक्विटी बाजार ने विदेशी पोर्टफोलियो प्रवाह पर निर्भरता का प्रदर्शन किया है।

प्रवाह बढ़ रहा है तो बाजार में उतार चढ़ाव की संभावना भी बढ़ गयी है।

नियामक को इस प्रवाह की स्थिरता सुधारने के लिए कदम उठाने चाहिए।

Monday, January 21, 2008

फ्यूचर में ओवरबॉट पोजीशन

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान चौतरफा बिकवाली दबाव के कारण निफ्टी कुल 495 प्वॉइंट्स घटकर 5705 पर बंद हुआ। व्यवसायियों का कहना है कि प्रमुख कंपनियों के दिसंबर तिमाही परिणाम उम्मीद के अनुरूप ही हैं, किंतु अमेरिकी अर्थव्यवस्था की कमजोर स्थिति एवं घरेलू कंपनियों के महँगे शेयर भावों को देखते हुए बड़े खिलाड़ियों ने आठ-दस दिन पहले से मुनाफा वसूली प्रारंभ कर दी थी परिणामस्वरूप बहुसंख्य फ्यूचर शेयरों में ओपन इंटरेस्ट की मात्रा बढ़ती चली गई यानी इनमें मध्यम अवधि कमजोर ट्रेडर्स ने खरीदी कर ली थी। इसलिए फ्यूचर शेयरों में दबाव ज्यादा है।

अधिकांश फ्यूचर ट्रेडर्स घबराहट में बेचान करने की स्थिति में पहुँचने वाले हैं, इसलिए कहा जा सकता है कि आगामी एक-दो दिनों में तीव्र उतार-चढ़ाव के बीच पेनिक बॉटम बनेगा। उल्लेखनीय है कि पेनिक बॉटम जब भी बनता है ब्लूचिप शेयर आश्चर्यजनक रूप से सस्ती या आकर्षक कीमतों पर मिलने लग जाते हैं। निश्चित रूप से बड़े खिलाड़ी एवं फंड मैनेजर इस संभावित स्थिति का लाभ उठाने के लिए तैयार बैठे होंगे।

सेक्टर स्पेसिफिक की बात करें तो अधिकांश पीएसयू बैंकिंग शेयर्स दीर्घावधि तेजी के दौर में चल रहे हैं, इसलिए इलाहाबाद बैंक, आंध्रा बैंक, केनरा बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक एवं यूनियन बैंक के भावों में तीव्र गिरावट आती है तो यह दीर्घावधि निवेश का अवसर होगा। ऑइल मार्केटिंग कंपनियों में हिन्दुस्तान पेट्रोलियम, बीपीसीएल एवं आईओसी के भाव पर्याप्त रूप से गिर चुके हैं और रही-सही कसर फ्यूचर के कमजोर ट्रेडर्स पूरी कर देंगे। अतः इस सेक्टर में भी निचले स्तर पर दीर्घावधि निवेशक खरीदी करेंगे ही।

रिफाइनरी कंपनियों का मार्जिन बढ़ने के कारण इनके परिणाम उम्मीद से बेहतर आते रहने की संभावनाएँ हैं। इसलिए एमआरपीएल, बोंगईगाँव रिफाइनरी एवं चेन्नई पेट्रो सहित अन्य रिफाइनरी कंपनियों के भावों में और गिरावट लाभदायक खरीदी के अवसर प्रदान करेगी। आईएफसीआई 1 महीने पहले 120 रु. के भाव पर बिका है।

अब यदि यह शेयर 60-65 रु. के भाव पर मिलता है तो और क्या खराब होगा? निवेशकों को याद रखना चाहिए कि इस कंपनी में स्टेक खरीदने के लिए वित्तीय क्षेत्र के महारथियों में होड़ मची हुई थी किन्हीं कारणों से स्टेक बेचने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, किंतु संभावनाओं के द्वार तो खुल ही गए हैं।

इसी प्रकार आईसीआईसीआई बैंक में वेल्यू अनलॉकिंग का मामला है। इस शेयर ने मंदी के माहौल में 14 जनवरी को 1465 का नया हाई बनाया था और अब भाव 220 रु. नीचे आ गए हैं। इसलिए वर्तमान स्तर से 100 रु. गिरे तो लेना चाहिए। लेने के बाद 75 रु. और गिरे तो और लेना चाहिए।

आईटीसी, एनटीपीसी, वीएसएनएल, सीएमसी, हिन्दुस्तान कंस्ट्रक्शन, टाटा केमिकल्स, इंडियन होटल्स, जिंदल स्टेनलेस, टाटा स्टील, डीसीबी, पॉवर ग्रिड, इंडस-इंड बैंक, एनडीटीवी इत्यादि फ्यूचर शेयरों के भाव और घटे तो जानकार निवेशक मौका चूकने वाले नहीं हैं।

मिड-केप शेयरों में एनसीएल इंड., मेरिको, साधना नाइट्रेट, वक्रांगी, आकृति सिटी, बिन्नानी सीमेंट, फर्स्ट सोर्स इत्यादि में जानकार निवेशक खरीदी कर रहे हैं।

बहरहाल, नए इश्युओं के मार्केट में रिलायंस पॉवर द्वारा कई नए कीर्तिमान बनाने के बाद अब कुछ दिनों के लिए माहौल ठंडा हो गया है। जे कुमार इंफ्रा एवं कार्ड्स केबल छोटी कंपनियाँ हैं इसलिए इनमें संस्थागत निवेशकों का रिस्पांस देखने के बाद ही निवेशक निर्णय लें। ऑन मोबाइल एवं एमार एमजीएफ के इश्युओं में बड़े निवेशकों की विशेष दिलचस्पी देखने को मिल सकती है इसलिए इनके लिए रुपया बचाकर रखना चाहिए और भी कई अच्छे इश्यू एक के बाद एक आने वाले हैं। अतः मार्च तक तो इश्यू क्वालिटी के मामले में निवेशकों के पास एक से बढ़कर एक विकल्प मौजूद रहेंगे।

Monday, January 14, 2008

शेयर बाजारों में उठापटक बनी रहेगी

नई दिल्ली। देश के शेयर बाजारों में आगामी सप्ताह उठापटक रहने की अधिक सम्भावना है। बीते सप्ताह शेयर बाजारों में तीव्र घटबढ़ के बीच मिश्रित रुख रहा। बम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 141 अंक ऊपर रहा जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में 74.20 अंक की गिरावट दर्ज की गई।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान में जो हालात नजर आ रहे हैं, उन्हें देखते हुए उठापटक की सम्भावना अधिक लग रही है। ऐसे में विश्लेषकों ने छोटे निवेशकों को राय दी है कि तीव्र घटबढ़ के इस दौर में निवेश करने से पहले कम्पनियों के बारे में व्यापक जानकारी हासिल करना बहुत जरुरी है।