Friday, November 30, 2007

इंफोसिस के लिए बंगाल में जमीन नहीं

पश्चिम बंगाल में कम्पनियों को दफ्तर और फैक्टरी के लिए जमीन नहीं मिल रही है। इंफोसिस पश्चिम बंगाल में 100 एकड़ जमीन चाहती है। लेकिन सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है।

कम्पनी के मानव संसाधन निदेशक टी.वी मोहनदास पई का कहना है कि राजनीतिक दखलंदाजी से कम्पनियों के विस्तार योजना पर फर्क पड़ रहा है।

पई ने इसके अलावा डॉलर की कमजोरी और अधिग्रहण की नीति पर ‘सीएनबीसी-आवाज़’ के संवाददाता हेमंत घई से बात की।

डेक्कन-किंगफिशर मार्च तक मिलेंगे

देश की पहली कम लागत वाली विमान कम्पनी एयर डेक्कन और किंगफिशर का विलय अगले साल मार्च में पूरा हो सकता है।

किंगफिशर एयरलाइंस और यूबी समूह के अध्यक्ष विजय माल्या ने आज कहा कि इसके लिए जांच-पड़ताल का काम एक्सेंचर को सौंपा गया है। इस जांच में सुझाव दिया जाएगा कि दोनों विमान कम्पनी के संसाधनों और सम्पत्ति के बेहतर इस्तेमाल के लिए बढ़िया तरीका क्या है।

मोबाइल से मनी भेजना जल्द होगा मुमकिन

नई दिल्ली : अब विदेशों से भारत में मोबाइल फोन के जरिए जल्द ही पैसा भेजना मुमकिन हो सकेगा। इस बाबत सेल्युलर कंपनी भारती एयरटेल ने मनी ट्रांसफर सर्विस मुहैया करानेवाली कंपनी वेस्टर्न यूनियन के साथ समझौता किया है। वेस्टर्न यूनिट फिलहाल भारत में कैश ट्रांसफर की सर्विस मुहैया कराती है। दोनों कंपनियों के बीच इस तरह का यह पहला समझौता है। अलबत्ता मोबाइल से मनी ट्रांसफर के लिए संबंधित रेग्युलेटरी की मंजूरी बाकी है।

भारती एयरटेल के मार्केटिंग और कम्यूनिकेशन डायरेक्टर गोपाल विट्टल ने कहा कि इस समझौते से तेजी और सुविधाजनक तरीके से पैसे भेजना आसान हो जाएगा। भारती के देश में 5 करोड़ ग्राहक हैं, जबकि वेस्टर्न यूनियन के 200 देशों में 3 लाख से ज्यादा और भारत में 45 हजार एजेंट हैं।

वेस्टर्न यूनियन के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल कपूर ने कहा कि भारती एयरटेल के साथ समझौता हमारी मोबाइल मनी ट्रांसफर सर्विस का दायरा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। भारतीय उपमहाद्वीप में मोबाइल की बढ़ती पहुंच के मद्देनजर इस सर्विस से काफी लोगों को फायदा होगा।

भारत-यूरोपीय संघ के बीच शिखर सम्मेलन

भारत और यूरोपीय संघ के बीच शुक्रवार को शिखर सम्मेलन होने जा रहा है।

इस आठवें सालाना शिखर सम्मेलन में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अलावा अन्य क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने के संबंध में बातचीत होगी।

इस शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह करेंगे जबकि यूरोपीय संघ का नेतृत्व पुर्तगाल के प्रधानमंत्री जोस सॉक्रैटीज़ करेंगे।

ग़ौरतलब है कि इन दिनों यूरोपीय संघ की अध्यक्षता पुर्तगाल के पास है।

इस सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद की चुनौती और द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ाए जाने पर चर्चा होगी।

भारत और विभिन्न यूरोपीय देशों के बीच लंबे समय से द्विपक्षीय संबंध रहे हैं।

लेकिन यूरोपीय संघ बनने के बाद संबंधों को और मज़बूत बनाने के उद्देश्य से भारत और यूरोपीय संघ के बीच सालाना बैठक का निर्णय लिया गया था।

हालाँकि भारत की दृष्टि से तो यूरोपीय संघ उसका सबसे बड़ा व्यापार सहयोगी है।

लेकिन अगर यूरोपीय संघ के नज़रिए से देखा जाए तो उसके कुल व्यापार में भारत का कोई बड़ा योगदान नहीं है.

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत सूचना प्रौद्योगिकी और सस्ती मजदूरी की वजह से इन देशों के लिए आकर्षक का एक केंद्र है।

Thursday, November 29, 2007

तीन पेट्रो कंपनियों के वायदा कारोबार पर रोक

मुंबई : तेल की बढ़ती कीमतों और रिफाइनरी स्टॉक की मांग में बढ़ोतरी के मद्देनजर नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने रिलायंस पेट्रोलियम, एस्सार ऑयल और बोंगाईगांव रिफाइनरी के वायदा कारोबार पर पाबंदी लगा दी है।

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज ने इस बाबत सर्कुलर जारी किया है। नई दिल्ली स्थित ब्रोकरेज हाउस एमएमसी के ग्लोबल वाइस प्रेजिडेंट राजेश जैन के मुताबिक, तेल की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर ऑयल कंपनियों के शेयर अच्छा रिटर्न दे रहे हैं। इस वजह से इनवेस्टर इन काउंटरों की ओर रुख कर रहे हैं। उनके मुताबिक, ऑयल रिफाइनिंग फर्मों में फ्यूचर ट्रेडिंग बढ़ने की एक और वजह इन्वेस्टर्स को इन कंपनियों में लॉन्ग टर्म प्रॉफिट की उम्मीद है।

बाजार को भारी झटके से बचाने की कवायद

नई दिल्ली : सरकार ने सेबी को सख्त निर्देश दिए हैं कि दिसंबर माह में बाजार में भारी झटका रोकने के लिए सख्त कदम उठाए। आशंका है कि एफआईआई अगले माह शेयर बाजारों में भारी मंदी की हवा चला सकते हैं। जबकि सरकार हर कीमत पर संतुलित कारोबार चाहती है।

इसलिए सेबी को उन शेयरों पर नजर रखने को कहा गया है, जिनमें पिछले कुछ दिनों से भारी उतार-चढ़ाव रहा है। गड़बड़ी की आशंका होने पर शेयरों के कारोबार पर तुरंत प्रतिबंध लगाने की छूट सेबी को दी गई है। वित्त मंत्रालय के शेयर विभाग मामले के उच्चाधिकारी के अनुसार हमारी प्राथमिकता आम निवेशकों को भारी झटके से बचाने की है।

एफआईआई की रणनीति
दिसंबर माह में एफआईआई की रणनीति भारी मात्रा में मुनाफा कमाने की रहती है। दरअसल उनके लिए साल दिसंबर माह में समाप्त होता है। ऐसे में नेट असट वैल्यू (एनएवी) बढ़ाने की भी मजबूरी होती है। इस बार बिकवाली ज्यादा होने की संभावना इसलिए है, क्योंकि अमेरिकी बाजार में मंदी है। भारतीय बाजार में एफआईआई को अच्छा रिटर्न मिल रहा है। यूटीआई सिक्योरिटीज के इक्विटीज हेड मिलिंद प्रधान कहते हैं, एफआईआई ज्यादा इंवेस्टमेंट कर रहे हैं, वे मुनाफा भी ज्यादा कमाएंगे।

भारतीय कंपनियों पर सवाल!
सेबी के सूत्रों के अनुसार यह बात भी सामने आई हैं कि कुछ भारतीय कंपनियां, जिनका नया आईपीओ आने वाला है। वे अपने शेयरों को प्रमोट करने में लगी हैं ताकि नए आईपीओ के शेयरों के दाम ज्यादा लग सकें। मगर इससे आम निवेशकों को दोहरा घाटा हो सकता है। एक तो वे आईपीओ के शेयरों को ज्यादा कीमतों पर खरीदेंगे। दूसरे कंपनियों के पहले से ही सूचीबद्ध शेयरों को ज्यादा भाव पर खरीदने से बिकवाली के समय उनको घाटा होना तय है।

क्या होगा फायदा
साहनी एंड साहनी ब्रोकर्स के प्रकाश साहनी का कहना है कि अगर सेबी ऐसा करती है तो इसका मनोवैज्ञानिक लाभ बाजार को होगा। बाजार में यह संदेश जाएगा कि सरकार का नियंत्रण अब भी बरकरार है। वैसे अब तक का कारोबार देखते हुए इतना जरूर कहा जा सकता है कि दिसंबर माह शेयर कारोबार के हिसाब से काफी महत्वपूर्ण रहेगा। सरकार को मुस्तैद रहना चाहिए।

नकदी की कमी से रुपया मजबूत हुआ

मुंबई: मुद्रा बाजार में बुधवार को डीलरों द्वारा की गई डॉलर की बिकवाली से रुपया थोड़ा और मजबूत हो गया। डीलरों को बैंक सिस्टम में नकदी की कमी की स्थिति के चलते यह कदम उठाना पड़ा। हालांकि बाजार रिजर्व बैंक के भावी कदमों को लेकर सशंकित है।

आज पहले कारोबारी सत्र में प्रति डॉलर के मुकाबले रुपया 39.77/99 पर था जो कि बाजार खुलने के समय के भाव 39.79/80 से अधिक था। हालांकि मंगलवार को रुपया 22 अक्टूबर के बाद सबसे कमजोर स्तर 39.90 पर था।

इस माह के प्रारंभ में रुपया अपने 10 साल के सबसे सर्वोच्च स्तर 39.16 तक पहुंच चुका है।

एक प्रमुख डीलर ने बताया कि आज रुपए के ताकतवर होने का प्रमुख कारण नकदी की कमी है। हालांकि रुपए के और मजबूत होने की स्थिति में रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप करने की संभावना है।

40 हजार करोड़ के निवेश की उम्मीद

जयपुर. राज्य में पूंजी निवेश बढ़ाने के लिए 30 नवंबर को हो रहे रिसर्जेट राजस्थान-पार्टनरशिप सम्मेलन में राज्य सरकार को एक दिन में ही करीब 40 हजार करोड़ रुपए का निवेश मिलने की उम्मीद है। सम्मेलन के लिए सरकार ने दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में विशेष सेमिनार करने के साथ ही करीब 12 हजार औद्योगिक घरानों को बुलावा भेजा था। हालांकि, अभी तक लगभग 700 औद्योगिक घरानों का ही रजिस्ट्रेशन हुआ है।

राज्य के मुख्य सचिव डी.सी. सामंत ने बुधवार को बताया कि राज्य में पिछले दिनों में सड़क, बिजली और पानी जैसे क्षेत्रों में काफी काम हुआ है। लिहाजा पूंजी निवेश के अनुकूल माहौल बना हुआ है। घरेलू और विदेशी निवेशकों ने राज्य में बहुआयामी गतिविधियों में निवेश के प्रति रुचि दिखाई है। ब्यूरो ऑफ इंवेस्टमेंट प्रमोशन (बीआईपी) के कमिश्नर उमेश कुमार ने बताया कि पार्टनरशिप सम्मेलन में राजस्थान को बड़ा पूंजी निवेश मिलने की उम्मीद है।

जापानी दल भी आएगा: मुख्य सचिव ने बताया कि इस आयोजन में जापानी कंपनियों का एक दल भी भाग लेगा। पिछले माह जापानी कंपनियों के निवेश को आकर्षित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में 200 कंपनियों ने भाग लिया था। इसे देखते हुए वहां से बड़े दल के आने की उम्मीद बंधी है। फरवरी 2008 में सरकार जापानी निवेश को आकर्षित करने का एक आयोजन करने जा रही है।

ये प्रमुख उद्योगपति आएंगे : फिक्की के सहयोग से हो रहे इस सम्मेलन का उद्घाटन 30 नवंबर को सुबह 10 बजे बिड़ला सभागार में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे करेंगी। आईसीआईसीआई बैंक के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी केवी कामथ मुख्य वक्ता होंगे। वेदांत समूह के अनिल अग्रवाल, होंडा सिएल कार्स इंडिया के अध्यक्ष एम. टाकेदागवा, भारत होटल्स की अध्यक्ष ज्योत्सना सूरी, फोर्टिस हैल्थकेयर के प्रबंध निदेशक शिवेन्द्र मोहन सिंह तथा आईएल एंड एफएस के अध्यक्ष रवि पार्थसारथी पैनल वक्ता होंगे।

Wednesday, November 28, 2007

बोनस पात्रता विधेयक पारित

नई दिल्ली-असंगठित क्षेत्र के कामगारों, खेतिहर मजदूरों तथा ठेका मजदूरों को भी बोनस का लाभ मुहैया कराने और ऐसे कामगारों की पहचान के लिए एक तंत्र विकसित करने के सरकार के आश्वासन के बीच लोकसभा ने बोनस के लिए पात्रता तथा बोनस राशि की सीमा बढ़ाने के प्रावधान वाले विधेयक को मंगलवार को ध्वनिमत से पारित कर दिया।

इससे पहले बोनस अधिनियम 1965 में संशोधन करने वाले इस विधेयक पर सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए श्रम एवं रोजगार मंत्री ऑस्कर फर्नांडीस ने कहा कि सरकार भी भवन निर्माण में लगे कामगारों के साथ-साथ खेतिहर मजदूरों एवं असंगठित क्षेत्र के अन्य कर्मियों को इसके दायरे में लाने को प्रतिबद्ध है।

मंत्री का कहना था कि उनके अस्थायी चरित्र के नियोजन के कारण उनकी पहचान सुनिश्चित करने में व्यावहारिक बाधाएँ हैं और सरकार नहीं चाहती कि उनकी पहचान का एक तंत्र बनाए बिना उन्हें बोनस कानून के दायरे में लाने की कागजी खानापूर्ति कर ली जाए।

फर्नांडीस ने ऐसा एक तंत्र बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता जताते हए कहा कि उनकी सरकार देश के दूसरे प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के 'जय जवान जय किसान' के नारे में 'जय कामगार' जोड़ने के हक में है क्योंकि पिछले दशकों में देश में आधारभूत ढाँचे के त्वरित विकास में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।

बोनस की पात्रता के लिए साढ़े सात हजार रुपए या इससे कम मूल मासिक वेतन की दूसरे श्रम आयोग की शर्त को बढ़ाकर दस हजार रुपए कर देने की अपनी पहल को उन्होंने कामगारों के प्रति कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार की इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

सेंसेक्स 120 पॉइंट डाउन

मुंबईः पिछले दो दिनों के दौरान जोरदार तेजी के बाद मुनाफावसूली का जोर रहने से देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को गिरावट का रुख रहा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) सेंसेक्स 120 अंक और नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 34 अंक टूट गया।

बाजार सूत्रों के मुताबिक एशियाई शेयर बाजारों में मंदी के रुझान का भी देसी बाजारों में असर देखा गया। चीन के शेयर बाजार में 2 फीसदी की गिरावट देखी गई। शंगहाइ कंपोजिट सूचकांक 97.738 अंक के नुकसान के साथ 3 महीने के निचले स्तर 4861.11 अंक पर बंद हुआ। रिजर्व बैंक के गवर्नर वाई. वी. रेड्डी ने मुंबई में बैंकिंग सम्मेलन के दौरान कहा कि ग्लोबल हलचलों से देश भी अछूता नहीं रह सकता है और इससे निपटने के लिए बैंक पूरी तरह तैयार है। इसका भी असर बाजार पर हुआ।

सेंसेक्स कारोबार के शुरू से ही दबाव में दिखा। इसमें करीब 200 अंक की घटबढ़ देखी गई। सत्र के शुरू में यह सोमवार के 19247.54 अंक के मुकाबले 19128.86 अंक पर खुला। यह नीचे में 19019.33 अंक और ऊंचे में 19211.50 अंक तक गया। कारोबार की समाप्ति पर यह कुल 119.81 अंक यानी 0.62 फीसदी के नुकसान से 19127.73 अंक पर बंद हुआ। एनएसई का निफ्टी 33.55 अंक यानी 0.59 फीसदी गिरकर 5698.15 अंक रह गया। सेंसेक्स में गिरावट के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप में क्रमश: 9.24 और 28.82 अंक की हल्की बढ़त रही। कारोबार के दौरान बीएसई में 2842 कंपनियों के शेयरों में सौदे हुए। इनमें से 1475 में नुकसान रहा। 1302 कंपनियों के शेयर ऊपर और 65 के नीचे आए। सेंसेक्स के 18 शेयर घाटे और 12 फायेदे में।

एक वर्गमीटर जमीन, 5 लाख रुपए की!

देश का सबसे महंगा प्रॉपर्टी सौदा पिछले दिनों मुंबई के बांद्रा-कुर्ला इलाके में हुआ। खबर है कि यहां साढ़े सोलह हजार वर्गमीटर का एक प्लॉट 831 करोड़ रुपए में खरीदा गया। यानी एक वर्गमीटर की कीमत 5,04,00 रुपए। यह अभी तक का रिकॉर्ड है। इस प्लॉट को खरीदा वाधवा बिल्डर्स ने। कंपनी ने रिजर्व प्राइस से 229 फीसदी ज्यादा बोली लगाकर यह सौदा किया।

इसी तरह, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने करीब साढ़े तीस हजार वर्गमीटर का एक प्लॉट 918 करोड़ रुपए में खरीदा। यानी 46,800 रुपए प्रति वर्ग फुट की दर से यह सौदा पड़ा। रिजर्व प्राइस से 96 फीसदी ज्यादा बोली लगाकर रिलायंस ने यह प्लॉट खरीदा।

तीसरा, करीब आठ हजार वर्गमीटर का प्लॉट तकरीबन तीन लाख 68 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर के रेट से बिका। इसे खरीदा टीसीजी इन्फ्रास्ट्रक्चर और हीरानंदानी ने।

पेंशन का पैसा जून से बाजार में

नई दिल्ली-नई पेंशन योजना में अंशदान कर रहे सरकारी कर्मचारियों के पेंशन कोष को अधिक फल देने वाला बनाने के लिए उसे शेयर बाजार में निवेश करने का इंतजार अगले वर्ष जून में समाप्त हो जाएगा। शुरू में इससे तीन लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों को लाभ होगा।

पहली जनवरी 2004 से लागू इस योजना का करीब 2000 करोड़ रूपए का कोष इस समय केंद्र सरकार के खाते में पड़ा है जिस पर कर्मचारियों को आठ प्रतिशत की वार्षिक दर से ब्याज मिलता है जो बाजार में निवेश पर मिलने वाले संभावित प्रतिफल से कम बताई जा रही है।

नई पेंशन योजना के पैसे को बाजार में निवेश करने की व्यवस्था बनाने और कर्मचारियों के रिकार्ड रखने के लिए पीएफआरडीए ने राष्ट्रीय प्रतिभूति डिपाजिटरी लि ( एनएसडीएल) को केंद्रीय अभिलेख संरक्षक एजेंसी ( सीआरए) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

पीएफआरडीए में अध्यक्ष डी स्वरूप और एनएसडीएल के प्रमुख सी बी भावे ने मंगलवार को यहाँ एक संवाददाता सम्मेलन में उम्मीद जताई की सीआरए पहली जून से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के कोष के संबंध में अपना काम शुरू कर सकती है। उन्होंने कहा कि उसके साथ ही उनके पेंशन कोष के निवेश के पूरे प्रबंध कर लिए जाने की उम्मीद है।

Tuesday, November 27, 2007

रूरल कस्टमरों के लिए पीएनबी की खास स्कीम

पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने सोमवार को गौतम बुध नगर जिले के ग्राम छपरौली स्थित ब्रांच में अपने पहले बायोमेट्रिक एटीएम की शुरुआत की। इसका उद्घाटन पीएनबी के सीएमडी के. सी. चक्रवर्ती ने किया। उन्होंने बताया बायोमेट्रिक एटीएम में आवाज से पहचान की सुविधा एवं अंगुलियों के निशान से नकद निकासी, खाते में बैलेंस की जानकारी एवं बैंक स्टेटमेंट प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में अनपढ़ और कम पढ़े लिखे ग्राहकों के बीच संबंधों को और बेहतर बना सके, इसके लिए 'आओ गांव चलें' योजना को बढ़ावा दिया जाएगा।

चक्रवर्ती ने कहा किसी भी देश की उन्नति का रास्ता गांव की गलियों से होकर गुजरता है। इस एटीएम के खुलने से ग्रामीण ग्राहकों को बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। चक्रवर्ती ने इस दौरान जिले में कार्यरत बैंक के ब्रांच मैनेजरों को बैंक और उपभोक्ताओं के बीच आपसी विश्वास कायम करने को भी कहा। सीएमडी ने ग्रामीणों से कहा अब 10 से 5 की बंदिश नहीं। कभी भी कस्टमर बैंक आकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

चक्रवर्ती ने बताया कि पीएनबी 1076 केंद्रों में 2064 सेवा केंद्रों के माध्यम से कोर सुविधा उपलब्ध करा रहा है। इसके जरिए 22 लाख ग्राहकों को 'कभी भी कहीं भी' सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। बैंक ने पीएनबी मित्र योजना के तहत 3 लाख से अधिक नो फ्रिल खाते खोले हैं और 24 हजार से अधिक जनरल क्रेडिट कार्ड जारी किए है। बैंक द्वारा 1231 एटीएम लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 196 एनसीआर में कार्यरत हैं। इस मौके पर छपरौला के ब्रांच मैनेजर वी. वी. कौशिक ने ग्रामीणों का आभार जताया।

टीईसी की सिफारिशों को चुनौती दी एयरटेल ने

नई दिल्लीः सेल्युलर ऑपरेटर कंपनी भारती एयरटेल लिमिटेड ने कहा है कि कंपनी ने टेलिकॉम डिपार्टमेंट की टेक्निकल यूनिट टेलिकॉम इंजीनियरिंग सेंटर (टीईसी) के स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट के नियमों के बारे में दी गई सिफारिशों को पर्याप्त सबूतों और आंकड़ों के साथ चुनौती दी है।

भारती एयरटेल के प्रमुख सुनील मित्तल ने स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट के नियमों की समीक्षा के लिए गठित टेलिकॉम पैनल की बैठक के बाद यह जानकारी दी। मित्तल ने कहा कि आधुनिक टेक्नॉलजी अपनाने के मामले में हम पर सवाल नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा कि जानकारी न होने को नियम बदलने के लिए बहाना नहीं बनाया जा सकता। मित्तल ने कहा कि उनकी कंपनी ने स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट के बारे में टीईसी की सिफारिशों को पर्याप्त सबूतों और आंकड़ों के साथ चुनौती दी है।

पैनल ने स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट के मसले पर इस महीने के शुरू में अपनी रिपोर्ट दे दी थी। कंपनी ने रेडियो तरंगों के अलॉटमेंट के लिए कस्टमरों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी की सिफारिश की है। कम्यूनिकेशन मिनिस्टर ए. राजा ने इस रिपोर्ट को सिद्धांत रूप में स्वीकार कर लिया था, लेकिन भारती एयरटेल, वोडाफोन, एस्सार और आइडिया सेल्युलर जैसे जीएसएम ऑपरेटरों के इस पर कड़ा विरोध जताने करने पर सरकार ने नियमों पर नए सिरे से विचार करने के लिए एक पैनल गठित कर दिया।

पैनल को इसी महीने अपनी रिपोर्ट देनी है। टेलिकॉम डिपार्टमेंट के अडिशनल सेक्रेटरी आर. बंदोपाध्याय की अध्यक्षता में गठित पैनल में बीएसएनएल और एमटीएनएल को शामिल नहीं किया गया है। हालांकि इसमें जीएसएम और सीडीएमए के प्रतिनिधि शामिल हैं। पैनल की अगली बैठक 30 नवंबर को होगी।

नए पीएसपी की बिक्री बढ़कर 10 लाख हुई

टोक्यो: सोनी की खिलौना बनाने वाली यूनिट ने कहा है कि उसके नए प्लेस्टेशन पोर्टेबल हेंडहेल्ड प्लेयर्स(पीएसपी) की बिक्री लांचिग के दो माह बाद ही 10 लाख यूनिट तक पहुंच गई है।

सोनी कंप्यूटर इंटरटेनमेंट की ओर से जारी एक बयान में यहां कहा गया है कि इस नए गेम को 20 सितंबर को लांच किया गया था। इसके दो माह बाद ही बिक्री बढ़कर 10 लाख तक पहुंच गई है।

यह नया गेम मॉडल छोटा और हल्का है। साथ ही इसमें कई नए फंक्शन और रंग है। इस कारण यह लोगों को बेहद आकृष्ट कर रहा है। इसकी खरीददारों में 5 लाख से अधिक महिलाएं हैं। कंपनी का पिछला पीएसपी मॉडल दिसंबर 2004 में आया था। लेकिन बिक्री के मामले में इस नए मॉडल ने उसे काफी पीछे छोड़ दिया है।

गल्फ ऑयल बनाएगी आईटी पार्क

नई दिल्ली- हिंदुजा समूह की गल्फ ऑयल कार्पोरेशन लिमिटेड को बेंगलुरु में अत्याधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) पार्क स्थापित करने की मंजूरी मिल गई है।

कंपनी की ओर से सोमवार को यहाँ जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि उसे कर्नाटक उद्योग मित्र से येलाहांका में उसकी 40 एकड़ जमीन पर आईटी पार्क बनाने की स्वीकृति मिली है। पार्क में होटल, सर्विस अपार्टमेंट, रिटेल, मल्टीप्लेक्स और अन्य सुविधाएँ भी स्थापित की जाएँगी।

आईटी पार्क नए बेंगलुरु हवाई अड्डे से करीब सात किलोमीटर दूर होगा। पार्क को विकसित करने में गल्फ ऑयल की मदद समूह की अचल सम्पत्ति इकाई एशिया प्रापर्टीज डेवलपमेंट लि. करेगी। इससे पहले गल्फ ऑयल हैदराबाद में 100 एकड जमीन पर नॉलेज सिटी विकसित करने की घोषणा कर चुकी है।

Monday, November 26, 2007

फॉरन इन्वेस्टर्स से मार्केट में उथलपुथल की आशंका

नई दिल्ली : सेबी ने एशियाई अर्थव्यवस्थाओं को चेताया है कि परिपक्व बाजारों के खास वर्ग के इन्वेस्टर्स के फैसलों से उनके मार्केट में उतार-चढ़ाव की आशंका है। इसका सामना भारत समेत कई अन्य देशों को करना पड़ेगा।
सेबी के चेयरमैन एम. दामोदरन ने एक सम्मेलन में कहा कि परिपक्व बाजारों के निवेशकों का एक विशेष वर्ग है, जहां अब उन्हें पहले जैसा मुनाफा नहीं मिल रहा। इसके मद्देनजर वे अब इन बाजारों का रुख कर रहे हैं, क्योंकि हमारे बाजार उनको बेहतर मुनाफा दे रहे हैं। अगर हमारे बाजार उनको अच्छा मुनाफा नहीं देते, वे इन्हें छोड़ जाएंगे और इससे हमारे बाजारों में भारी उथल - पुथल मच जाएगी।

एशियन सिक्युरिटीज एनालिस्ट फेडरेशन द्वारा आयोजित इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए दामोदरन ने कहा कि माकेर्ट रेग्युलेटर्स को ऐसे किसी भी किस्म के जोखिम से बचने के लिए नियम बनाने होंगे। गौरतलब है कि भारत और अन्य एशियाई देशों के बाजारों में हाल में काफी उथल-पुथल देखने को मिला है। भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क सेंसेक्स ने गुरुवार तक पिछले 6 कारोबारी सत्रों में 1400 अंकों की गिरावट दर्ज की। बाजार विश्लेषक इसके लिए अमेरिकी गतिविधियों और कच्चे तेल की कीमतों को जिम्मेदार मानते हैं। दामोदरन ने कहा कि अगर एशियाई बाजार दुनिया के बाजारों के साथ ज्यादा एकीकृत होते, तो अन्य जगहों पर इसका और अधिक असर होता।

रुपये में मजबूती से अरबपतियों की चांदी

नई दिल्ली : रुपये में तेजी शायद एक्सपोर्ट सेक्टर के कई लोगों की नौकरियों पर भारी पड़ रही है, लेकिन इसने देश के अरबपतियों की मुस्कान में जरूर इजाफा कर दिया है। ध्यान रहे कि इनकी संपत्ति का 10 फीसदी हिस्सा रुपये की मजबूती के कारण आया।

अमेरिकी बिजनेस मैगजीन फोर्ब्स के मुताबिक, दुनिया भर में 54 भारतीय ऐसे हैं, जिनके पास अरबों डॉलर की संपत्ति है और उनकी कुल संपत्ति 368 अरब डॉलर है। रिटेल व्यवसायी किशोर बियानी सहित इनमें से 5 अरबपतियों ने पिछले 1 साल के दौरान रुपये में डॉलर के मुकाबले आई 14 फीसदी मजबूती की वजह से अरबपतियों के क्लब में जगह बनाई।

अब भी अरबों रुपये कर्ज में फंसे

नई दिल्ली : केंद्र और रिजर्व बैंक की तमाम कोशिशों के बावजूद पब्लिक सेक्टर बैंकों के अरबों रुपये अभी भी पुराने कर्ज में फंसे हुए हैं।

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इस साल 31 मार्च तक सरकारी बैंकों के 389 अरब 73 करोड़ रुपये विभिन्न कर्जों में फंसे हुए थे, जो कि उनके द्वारा दिए गए कुल कर्ज का 2.7 फीसदी थे। सरकार का दावा है कि कर्जों में फंसी इस प्रकार के नॉन परफॉर्मिंग ऐसेट्स (एनपीए) में अब तक किए गए विभिन्न उपायों से लगातार कमी आ रही है और बैंकों की स्थिति पहले से काफी बेहतर है।

पिछले 3 साल के एनपीए आंकड़ों के मुताबिक 31 मार्च 2005 को बैंकों की यह राशि 483 अरब 99 करोड़ रुपये थी। मार्च 2006 में यह घटकर 421 अरब 6 करोड़ और मार्च 2007 में 389 अरब 73 करोड़ रुपये रह गई। इन तीनों मौकों पर यह राशि बैंकों के कुल कर्ज का 5.5, 3.7 और 2.7 फीसदी रह गई। नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक तो यह 1 फीसदी के आसपास आ गई है।

सरकार का कहना है कि बैंकों की एनपीए राशि की स्थिति में सुधार के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इनमें एनपीए के लिए राशि का प्रावधान करने और उनके वर्गीकरण के कायदे-कानून बनाना आदि शामिल हैं। इसके अलावा बैंक और वित्तीय संस्थानों के कर्ज की रिकवरी से संबंधित डीआरटी एक्ट भी अमल में लाया गया।

काली मिर्च के दाम घटने के आसार नहीं

काली मिर्च का पुराना स्टॉक काफी कम रह जाने और पिछले साल की तरह इस साल भी नई फसल कम आने की आशंका से इसमें मंदी के आसार नहीं हैं। थोड़े दिन के लिए भाव रुकेंगे, लेकिन बाद में अच्छी तेजी की संभावना है।

काली मिर्च की नई फसल अमूमन दक्षिण भारत के कोचीन के 100 किलोमीटर चारों ओर होती है। इसकी फसल नवंबर में आ जाती थी। लेकिन इस साल 20 दिन देर से आएगी। फसल उत्पादक क्षेत्रों में तैयार खड़ी हैं और वहां के व्यापारी दिसंबर के पहले हफ्ते में नए माल का श्रीगणेश बता रहे हैं। कोचीन के काली मिर्च व्याप