सरकार ने कहा है कि वह गरीबों को स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराने की एक योजना पर काम कर रही है। इसके अलावा उसकी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के एक एक कमाऊ सदस्य को जीवन तथा असमर्थता कवर देने की भी योजना है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि उक्त पहल के साथ-साथ गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले 65 साल से अधिक आयु के सभी नागरिकों को वृद्धावस्था पेंशन की पहल से गरीब लोगों पर संकट कम होगा।
Friday, August 31, 2007
गरीबों को स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराएगी सरकार
टीसीएस और कॉग्निजेंट के एसईजेड मंजूर
टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (टीसीएस) तथा कॉग्निजेंट टेक्नॉलजी के विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) के प्रस्तावों को गुरुवार को औपचारिक मंजूरी दे दी गई। बोर्ड ऑफ अप्रूवल (बीओए) ने कुल 31 प्रस्तावों पर विचार किया और इनमें से 20 को मंजूरी दे दी। बोर्ड ने 15 एसईजेड प्रस्तावों को औपचारिक तथा 5 प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी दी। बीओए के चेअरमैन और वाणिज्य सचिव जी. के. पिल्लई ने बैठक के बाद संवाददाताओं को यह जानकारी दी।
टीसीएस आंध्र प्रदेश के रंगा रेड्डी जिले में 30.35 हेक्टेयर भूमि पर आईटी जोन लगाएगी, जबकि कॉग्निजेंट टेक्नॉलजी सॉल्यूशंस का इरादा 16 हेक्टेयर में आईटी एसईजेड लगाने का है। अब देश में कुल मंजूर एसईजेड प्रस्तावों की संख्या 381 हो गई है, वहीं 183 प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। बीओए की अगली बैठक 18 सितंबर को होगी।
बीओए ने गीतांजलि जेम्स के 102 हेक्टेयर के जेम और जूलरी जोन और महाराष्ट्र में एक हजार हेक्टेयर के मल्टी प्रॉडक्ट प्रोजेक्ट को भी सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है।
वेल्सपन के 121 हेक्टेयर के इंजीनियरिंग प्रॉडक्ट जोन और गुजरात हाइड्रोकार्बन एंड एनर्जी एसईजेड लि. के 220 हेक्टेयर के प्रोजेक्ट को भी सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है।
एईसी मार्केटिंग के दादरा एवं नागर हवेली में जेम और जूलरी जोन बनाने और अनंत राज इंडस्ट्रीज के हरियाणा में 10 हेक्टेयर के आईटी जोन प्रस्ताव पर विचार नहीं किया गया, क्योंकि इनके क्षेत्रों के प्रशासन ने एसईजेड के लिए दी गई मंजूरी को वापस ले लिया।
केंद्रीय कर्मियों के डीए में छह फीसदी की वृद्धि
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत देते हुए सरकार ने उनके महंगाई भत्ते में छह फीसदी की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। उनके मासिक आय में यह बढ़ोतरी इस इस वर्ष एक जुलाई से लागू मानी जाएगी। इसके अलावा कैबिनेट ने कारखानों में रात की शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं को भी राहत देने वाला एक अहम फैसला किया है।
इस तरह कर्मचारियों को केंद्र सरकार की ओर से अब तक दी गई महंगाई राहत 41 फीसदी तक पहुंच जाएगी। केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को कैबिनेट ने बृहस्पतिवार को हरी झंडी दे दी। सूचना और प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने बताया कि इस महंगाई भत्ते में इस वृद्धि की वजह से हर वर्ष सरकार पर 2206.86 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। जबकि वित्तीय वर्ष 2007-08 के लिए इस वृद्धि के चलते 1471 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। इसी प्रकार, पेंशनभोगियों को महंगाई राहत से सरकार पर हर साल 1078.08 करोड़ रुपये और वित्तीय वर्ष 2007-08 में 718.72 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। मुंशी ने बताया कि कुल मिलाकर दोनों वर्ग को दी जाने वाली बढ़ोतरी सरकार पर हर वर्ष 3284.94 करोड़ रुपये और वर्तमान वित्तीय साल में 2189.96 करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ बढ़ाएगी।
एक और अहम फैसले में कैबिनेट ने कारखानों या औद्योगिक इकाई में काम करने वाली महिलाओं को रात के शिफ्ट से राहत देने के लिए फैक्टरी एक्ट में संशोधन के लिए भी मंजूरी दे दी। फैक्टरी एक्ट 1948 की धारा 66 में संशोधन के लिहाज से प्रस्तुत फैक्टरी संशोधन बिल 2005 लोकसभा में अगस्त 2005 से लंबित है। इसके तहत, महिलाओं को निजी या सरकारी कारखानों में रात की शिफ्ट में नौकरी को लेकर शिथिलता दी जानी प्रस्तावित है।
अपोलो ने जावेटा का अधिग्रहण किया
देश के जाने-माने अस्पताल समूह अपोलो ने अटलांटा स्थित बीपीओ कंपनी जावेटा का 697 करोड़ रुपये में अधिग्रहण कर लिया है। यह सौदा कंपनी की आउटसोर्सिग यूनिट अपोलो हेल्थ स्ट्रीट के जरिए किया गया है। अधिग्रहण के लिए बैंक आफ इंडिया और बर्कले बैंक 550 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद देंगे। कंपनी शेष राशि आंतरिक संसाधनों के जरिए जुटाएगी।
अपोलो समूह के चेयरमैन प्रताप सी. रेड्डी ने यहां बताया कि इस अधिग्रहण से ग्लोबल स्तर पर अपोलो हेल्थ स्ट्रीट विशालतम बीपीओ कंपनी बन जाएगी।
Thursday, August 30, 2007
किसी सर्कल में कंपनियों की संख्या पर पाबंदी न हो : ट्राई
दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने कहा है कि किसी भी सर्कल में ऑपरेटरों की संख्या पर पाबंदी नहीं होनी चाहिए। टेलिकॉम लाइसेंसिंग नीति में सुधार पर अपनी सिफारिशों में ट्राई ने स्पेक्ट्रम के आवंटन नियमों के लिए उद्योग और सरकार की भागीदारी वाले बोर्ड के गठन की सलाह दी है।
ट्राई ने कहा कि इस बोर्ड में दूरसंचार विभाग (डॉट), ट्राई, दूरसंचार मंत्रालय की वायरलेस प्लानिंग एंड कॉर्डिनेशन विंग के अलावा ऑपरेटर असोसिएशनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि जीएसएम ऑपरेटरों ने किसी सर्कल में टेलिकॉम ऑपरेटरों की संख्या सीमित करने की मांग की है। उनका कहना है कि पहले से ही स्पेक्ट्रम की कमी है और ज्यादा खिलाड़ियों के होने से सेवा की क्वॉलिटी पर असर पड़ता है।
नियामक ने 10 मेगाहर्ट्ज से अधिक के स्पेक्ट्रम के आवंटन पर एक बार में शुल्क लेने का सुझाव भी दिया है। फिलहाल कंपनी को किसी भी अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के लिए सरकार को अपने राजस्व का एक फीसदी देना पड़ता है।
ट्राई ने ए श्रेणी के सर्कलों मसलन दिल्ली और मुंबई में स्पेक्ट्रम के आवंटन के लिए 80 करोड़ रुपये का शुल्क लेने का सुझाव दिया है। इसी तरह बी श्रेणी के सर्कलों जैसे चेन्नै और कोलकाता के लिए यह राशि 40 करोड़ रुपये और सी श्रेणी के सर्कलों के लिए एक बार में 15 करोड़ रुपये का शुल्क लेने का सुझाव दिया है।
टाटा स्टील का मुनाफा छह गुना हुआ
साल की शुरुआत में आंग्ल-डच स्टील निर्माता कोरस ग्रुप के अधिग्रहण से टाटा स्टील का संचयी कर पश्चात मुनाफा चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में छह गुना बढ़कर 6388 करोड़ रुपए हो गया।
विश्व की छठी सबसे बड़ी इस्पात बनाने वाली कंपनी टाटा स्टील ने पिछले साल की समान अवधि में 1014 करोड़ रुपए का संचयी कर पश्चात मुनाफा दर्ज किया था। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान कंपनी का संचयी कारोबार भी पांच गुना बढ़कर 31155 करोड़ रुपए हो गया जबकि पिछले साल की समीक्षाधीन अवधि में यह 5748 करोड़ रुपए था।
टाटा स्टील ने एक विज्ञप्ति में कहा कि पहली तिमाही के दौरान कंपनी के अनांकेक्षित वित्तीय आंकड़ों में टाटा स्टील लिमिटेड के अंकेक्षित वित्तीय नतीजे और कोरस के प्रस्तावित वित्तीय नतीजे शामिल हैं।
पहली तिमाही के दौरान कंपनी का संचयी परिचालन मुनाफा बढ़कर 4904 करोड़ रुपए हो गया जबकि पिछले साल की समीक्षाधीन अवधि में यह 1712 करोड़ रुपए था।
टाटा स्टील ने 12.1 अरब डालर में इस कोरस का अधिग्रहण किया था जो भारतीय कंपनी द्वारा विदेश में किया गया गया अब तक का सबसे बड़ा सौदा है। इस सौदे के बाद इस्पात का उत्पादन करने वाली विश्व की छठी सबसे बड़ी कंपनी बन गई। कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता करीब 2.3 करोड़ टन सालाना है।
भारतीय बाजार में दो कारें पेश करेगी वोल्वो
स्वीडन की दिग्गज आटोमोबाइल कंपनी वोल्वो कार कारपोरेशन अगले माह भारतीय बाजार में दो माडल 'एस 80' और 'एक्ससी 90' पेश करेगी। कंपनी ने इनकी शुरुआती कीमत क्रमश: 38 लाख और 45 लाख रुपये तय की है।
कंपनी ने बुधवार को यहां जारी एक वक्तव्य में बताया कि इन दोनों ही कारों के पेट्रोल और डीजल माडल पेश किए जाएंगे। ये कारें कंपनी के दिल्ली, मुंबई और चेन्नई स्थित तीनों डीलरों के पास उपलब्ध होंगी। ये कारें वोल्वो के स्वीडन स्थित प्लांट से आयात की जाएंगी और ये 14 रंगों में उपलब्ध होंगी। एक्ससी 90 दरअसल एक स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल है। एस 80 एक सीडान कार है जिसमें काफी जगह होगी।
निसान व अशोक लेलैंड मिलकर बनाएंगी हल्के वाहन
विश्व की प्रमुख आटोमोबाइल कंपनी निसान ने अब भारत के वाणिज्यिक वाहन बाजार में भी उतरने का ऐलान किया है। इसके लिए निसान ने घरेलू वाणिज्यिक वाहन निर्माता कंपनी अशोक लेलैंड का दामन थामा है। एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत दोनों कंपनियों ने भारत में तीन संयुक्त उपक्रम स्थापित करने का फैसला किया है। ये संयुक्त उपक्रम भारत के साथ-साथ विदेशी बाजारों के लिए भी वाणिज्यिक वाहन तैयार करेंगे। इस समझौते से यह भी स्पष्ट है कि जापानी कंपनी निसान भारतीय आटोमोबाइल बाजार में लंबी पारी खेलने की मंशा रखती है।
समझौते के मुताबिक निसान मोटर्स और अशोक लेलैंड सबसे पहले वाहन निर्माण करने वाली एक कंपनी गठित करेंगी। इस संयुक्त उद्यम में ज्यादा हिस्सेदारी अशोक लेलैंड की होगी और इसका प्लांट भी भारत में ही स्थित होगा। प्लांट में हर साल एक लाख हल्के वाणिज्यिक वाहनों (छोटे ट्रक वगैरह) का निर्माण किया जाएगा। दूसरा संयुक्त उद्यम इंजन निर्माण से जुड़ा होगा। वहां हल्के वाणिज्यिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले इंजन बनाए जाएंगे। इसका प्लांट भी भारत में ही होगा, लेकिन इस संयुक्त उपक्रम में अधिकांश हिस्सेदारी निसान के पास होगी।
तीसरा संयुक्त उद्यम तकनीकी क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। यह कंपनी हल्के वाणिज्यिक वाहनों और इनके इंजन की तकनीक को बेहतर बनाने का काम करेगी। वहां उन्नत तकनीक विकसित की जाएगी ताकि भारत और अन्य विकासशील देशों के वास्ते बेहतर प्रदर्शन करने वाले छोटे व हल्के ट्रक बनाए जा सकें। इसमें निसान और अशोक लेलैंड की समान हिस्सेदारी होगी। तीसरी कंपनी जो उत्पाद तैयार करेगी उसे निसान और अशोक लेलैंड के ब्रांड के तहत ही बेचा जाएगा।
इसके अलावा दोनों कंपनियां भारत में बिक्री व वितरण क्षेत्र में उतरने पर भी गंभीरता से विचार कर रही हैं। अशोक लेलैंड के डीलर नेटवर्क के जरिए निसान के विभिन्न माडलों की बिक्री की संभावना भी तलाशी जा रही है। अगर विदेश में निसान के नेटवर्क के जरिए अशोक लेलैंड के वाहनों का बाजार मिलता है तो इसको भी आगे बढ़ाया जा सकता है। निसान के साथ गठबंधन करने से अशोक लेलैंड को अब भारत में तेजी से बढ़ रहे छोटे व मझोले ट्रकों व बसों के बाजार में भी पैर पसारने का मौका मिलेगा।
निसान पहले ही भारतीय कार बाजार में उतरने का ऐलान कर चुकी है। अब वाणिज्यिक वाहनों के क्षेत्र में भी उसके आ जाने से यह तय हो गया है कि भारत कंपनी के लिए एक बड़ा बाजार बनने जा रहा है।
Wednesday, August 29, 2007
पीपीपी परियोजनाओं के लिए सलाहकारों का चुनाव
नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक निजी साझेदारी के जरिए परिचालित होने वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सहायता के लिए अन्र्स्ट एंड यंग तथा प्राइस वाटर हाउस कूपर्स जैसे 11 सलाहकारों का चयन किया है।
पैनल का चयन पिछले सप्ताह अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के जरिए किया गया। यह पैनल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को विकास के लिए निजी कंपनियों को दिए जाने से पहले उनके तकनीकी एवं आर्थिक पहलू पर काम करेगा। सरकारी सूत्रों ने बताया कि ये सलाहकार केंद्र और राज्य सरकारों को सार्वजनिक निजी भागीदारी वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाएं लगाने में मदद करेगा।
मंत्रालय ने एबैकस लीगल गु्रप, क्रिसिल इन्फ्रास्ट्रक्चर, एडवाइजरी, डेलोइट टचे तोहामात्सू, अन्र्स्ट एंड यंग फीडबैक वेंचर्स और ग्रांट थोर्नटन का भी चयन किया है। सूत्रों ने बताया कि पैनल में राइट्स इंटरनेशनल फाइनेंस कार्पोरेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनेंस कंपनी और इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वित्त मंत्रालय अब तक शुरू नहीं हो सकी पीपीपी परियोजनाओं के बारे में भी चिंतित है।
रिलायंस ने बंगाल में बंद किए रिटेल स्टोर
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी शासित पश्चिम बंगाल में वामपंथी दलों के समर्थकों ने खुदरा बाज़ार में उतरे रिलायंस रिटेल स्टोर्स पर पिछले एक पखवाड़े में कई हमले किए हैं.
रिलायंस रिटेल के रघु पिल्लई का कहना है कि कंपनी की संपत्ति और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए इन्हें अस्थाई रूप से बंद किया गया है.
हाल ही में उत्तर प्रदेश में लखनऊ और वाराणसी में भी रिलायंस स्टोर्स को निशाना बनाया गया था।
इसके बाद मायावती सरकार ने इन स्टोर्स को बंद करने के आदेश दिए थे.
रिलायंस की पश्चिम बंगाल में लगभग 2000 करोड़ रुपए की लागत से 100 से अधिक सुपरमार्केट स्टोर्स, पाँच वितरण केंद्र और 14 भंडारण केंद्र खोलने की योजना है.
भारत में एक अरब डालर निवेश करेगी सैप
नई दिल्ली। बिजनेस साफ्टवेयर मुहैया कराने वाली दिग्गज कंपनी सैप एजी भी तेजी से विकसित होते भारतीय बाजार पर फिदा है। सैप ने भारत में वर्ष 2010 तक एक लाख ग्राहक बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के साथ-साथ एक अरब डालर के निवेश की योजना बनाई है।
सैप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और चेयरमैन हेनिंग कैगरमन ने मंगलवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि बीते साल कंपनी ने भारत में अपने ग्राहकों की संख्या दोगुनी कर दो हजार के स्तर पर पहुंचा दी। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश इस समय तकनीक को अपनाने में खासी रुचि ले रहे हैं। कंपनी को अपने ग्राहकों की संख्या एक हजार तक पहुंचाने में नौ साल लगे, लेकिन इसे दोगुना करने में सिर्फ एक वर्ष का ही समय लगा।
जर्मन कंपनी सैप के भारतीय ग्राहकों में हीरो होंडा, महिंद्रा एंड महिंद्रा, ओएनजीसी और रिलायंस कम्युनिकेशंस जैसी कंपनियां शामिल हैं।
पावरग्रिड के आईपीओ के लिए मूल्य दायरा तय
नई दिल्ली। पावरग्रिड कारपोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड ने अपने आरंभिक पब्लिक इश्यू (आईपीओ) के तहत मूल्य दायरा 44-52 रुपये तय किया है। देश की इस सबसे बड़ी पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने बताया कि वह आईपीओ के जरिए सरकारी इक्विटी बेच कर 2500-3000 करोड़ रुपये जुटाएगी।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी ने बाजार नियामक सेबी को अपना प्रास्पेक्टस पिछले सप्ताह सौंपा। सूत्रों ने बताया कि कंपनी ने मर्चेट बैंकरों से बातचीत करने के बाद यह मूल्य दायरा निर्धारित किया है। कंपनी अपने आईपीओ के साथ संभवत: सितंबर के दूसरे सप्ताह में पूंजी बाजार में उतरेगी। इसके तहत कुल मिलाकर 57.39 करोड़ शेयर जारी किए जाएंगे। कंपनी अपने विस्तारीकरण के लिए आवश्यक पूंजी का एक हिस्सा जुटाने के लिए आईपीओ ला रही है।
Monday, August 27, 2007
रतन टाटा को उत्तराधिकारी की तलाश
नई दिल्ली ( पीटीआई ) : भारत के प्रमुख उद्योग घराने टाटा समूह को संभवत : अपने नए मुखिया के लिए 5 साल का और इंतजार नहीं करना होगा। टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा ने संकेत दिया है कि योग्य उत्तराधिकारी मिलने पर वह पद छोड़ने को तैयार हैं।
रतन टाटा के नेतृत्व में पिछले 16 साल में टाटा समूह ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ी है। उनके खाते में विदेशों में कई बड़े अधिग्रहण जाते हैं। एक टीवी चैनल के साथ इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ग्रुप में उनके बने रहने की अवधि इस बात पर निर्भर करती है कि कब कोई योग्य उत्तराधिकारी मिलेगा।
उन्होंने कहा कि हमारे नियमों के अनुसार अभी मेरा पास 5 साल का समय और है। लेकिन इससे पहले यदि हमें योग्य उत्तराधिकारी मिल जाता है तो मैं उससे पहले ही पद छोड़ सकता हूं। टाटा ने 1991 में समूह की बागडोर संभाली थी। इस साल 23 अगस्त की स्थिति के अनुसार टाटा ग्रुप का बाजार पूंजीकरण 52. 7 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। यह पूछने पर कि क्या वह उत्तराधिकारी जल्द ही खोज लेंगे , उन्होंने कहा कि मुझे ऐसी उम्मीद है , क्योंकि मैं कई चीजें करना चाहता हूं। रतन टाटा 96 कंपनियों के प्रमुख हैं और समूह के कर्मचारियों की संख्या 2. 46 लाख है।
टाटा के नेतृत्व में ही टाटा स्टील ने एंग्लो - डच स्टील कंपनी कोरस का अधिग्रहण करने में सफलता पाई। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि एक समय ऐसा आए जब टाटा भारत की तुलना में देश से बाहर ज्यादा बड़ा नाम हो। उन्होंने बताया कि कोरस के अधिग्रहण के बाद हमारा राजस्व का 50 फीसदी देश से बाहर से आएगा। कोरस के बिना यह 30 प्रतिशत रहता।
फोर्ड से जगुआर और लैंड रोवर माकेर्स मॉडल खरीदने के बारे में पूछे जाने पर टाटा ने कहा कि हमारी उनमें रुचि है। हालांकि , उन्होंने इस बारे में और कुछ खुलासा करने से इनकार किया।
टाटा मोटर्स के सिंगुर के लखटकिया कार प्रोजेक्ट के सामने आ रही दिक्कतों के बारे में उन्होंने कहा कि जिन लोगों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है , हम गंभीरता से उन्हें परियोजना में हिस्सेदारी देने पर विचार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बेशक इस प्रोजेक्ट में हमारे लिए दिक्कतें आ रही हैं , लेकिन हमें पूरी उम्मीद है कि ' पीपल्स कार ' 2008 के मध्य या तीसरी तिमाही तक बाजार में आ जाएगी।
लागत बढ़ने की वजह से क्या यह कार १ लाख की रह पाएगी , इस पर टाटा का कहना था कि हमें उम्मीद है कि हम इस कीमत पर टिके रहेंगे। लखटकिया कार को लेकर सुरक्षा चिंताओं को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रॉडक्ट सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों पर खरा उतरेगा।
रिलायंस फ्रेश बंद होने पर व्यापारी खुश, जनता नाराज
गाजियाबाद : रिलायंस फ्रेशके आउटलेट बंद करवाने के निर्णय का व्यापारियों ने स्वागत किया है। वहीं आम जनता ने नाराजगी व्यक्त की है।
रिलायंस फ्रेश के आउटलेट को शुक्रवार को पुलिस-प्रशासन ने बंद करवा दिया। इस पर व्यापारी नेता शिवशंकर राठी और गोपीचंद ने कहा कि वे इन रिटेल काउंटर को बंद करवाने के निर्णय का स्वागत करते हैं। इनके खुलने से करोड़ों छोटे व्यापारियों, ठेले पटरी वालों का रोजगार समाप्त हो रहा था। उधर रामनगर निवासी पारस ने कहा कि बड़ी कंपनियों के रिटेल के क्षेत्र में आने से छोटे व्यापारियों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार और प्रशासन का इन्हें बंद करने का निर्णय स्वागत योग्य है।
वहीं संजयनगर सेक्टर 23 निवासी स्वाती कहती हैं कि रिलायंस के आउटलेट बंद होने से महिलाओं को एक बार सब्जीमंडी में जाना होगा। रिलायंस पर हर प्रकार की और ताजा सब्जी एक स्थान पर ही मिल जाती थी, जबकि बाजार में अलग-अलग दुकानों पर जाना पड़ता है। लोहियानगर निवासी नेहा ने भी यही कहा कि रिलांयस फ्रेश खुलने से उन्हें कभी सब्जी खरीदने में परेशानी नहीं हुई। अब एक बार फिर सब्जीमंडी में जाकर खड़ा होना होगा जो उनके लिए कष्टप्रद है। अशोक नगर निवासी आलोक कहते हैं कि उन्होंने तो सब्जी खरीदना ही रिलायंस फ्रेश में शुरू किया, अन्यथा सब्जी मंडी जाने से वे परहेज करते थे।
मोदीनगर के मुकेश कुमार कहते हैं कि रिलायंस में सब्जी अच्छी और उचित मूल्य पर मिलने के कारण वे तो गाजियाबाद से ही सब्जी खरीदकर ले जाते हैं।
जमशेदपुर में जल्द ही बड़ा एयरपोर्ट बनेगा : मुत्थुरमण
जमशेदपुर। 25 वर्ष के बाद जमशेदपुर से व्यवसायिक हवाई सेवा शुरू होने के अवसर पर टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक बी मुत्थुरमण ने एयर डेक्कन के चेयरमैन कैप्टन गोपीनाथ के प्रति आभार जताते हुए कहा कि जल्द ही जमशेदपुर में बड़े एयरपोर्ट की परिकल्पना साकार होने वाली है। जहां बड़े विमान भी उतर सकेंगे। इससे पूर्व कोलकाता से आने वाले एयर डेक्कन के यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
एयरपोर्ट पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए श्री मुत्थुरमण ने कहा कि 25 साल से यहां व्यवसायिक उड़ान सेवा बंद है। जमशेदपुर के निवासी लंबे समय से यहां से हवाई सेवा शुरू कराने के लिए लगातार मांग कर रहे हैं। हमने इस कार्य की जिम्मेदारी डिप्टी एमडी एएन सिंह को दी थी। जिन्होंने कई एयरलाइंस से बातचीत की। पिछले दिनों मुंबई में उन्होने नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल से भी इस विषय में बातचीत की। उन्होंने तत्काल अपने सचिव श्री चौबे को मोबाइल पर निर्देश दिया कि वे जमशेदपुर से हवाई सेवा शुरू कराने की दिशा में काम प्रारंभ कर दे। एक ऐसे शहर से जहां व्यवसायिक विमान सेवा नहीं है वहां से उड़ान शुरू करने में कैप्टन गोपीनाथ ने जो दिलचस्पी दिखायी उसके लिए उनके आभारी हैं। जमशेदपुर से अकेले टाटा स्टील से ही 10-15 अधिकारी कोलकाता जाते हैं। टाटा स्टील की अगली योजना का खुलासा करते हुए कहा कि जल्द ही बड़ा एयरपोर्ट बनाया जाएगा जहां सभी तरह के विमान उतर सकेंगे। इसके लिए जमीन का चयन कर लिया गया है। नये एयरपोर्ट का रनवे 6,000 फीट का होगा। शहर का विकास काफी तेजी से हो रहा है जिससे यहां बड़े एयरपोर्ट की जरुरत बढ़ गयी है। एयरपोर्ट होने से यहां के व्यवसाय में भी उन्नति होगी। एयर डेक्कन के सीइओ रामकी सुंदरम ने एक्सएलआरआई में शिक्षा के दौरान यहां से अपने प्रांत जाने में आने वाली कठिनाईयों का जिक्र करते हुए कहा कि अब यहां के छात्रों को ऐसी परेशानी नहीं होगी। उन्होंने टाटा स्टील के सौ साल पूरे होने पर बधाई दी। एयरपोर्ट अथारिटी, पूर्वी क्षेत्र के एसबीएस बख्शी ने आश्वासन दिया कि जमशेदपुर एयरपोर्ट को विकसित करने के लिए अथारिटी की ओर से जो भी सहयोग अपेक्षित होगा वे करने को तैयार हैं। कोलकाता से आने वाले एटीआर 42-500 एयरक्राफ्ट से एड गुरू सुहैल सेठ, टाटा हुगली मेटकोक के एमडी बीके सिंह सहित कई अधिकारी आये थे। वहीं साढ़े 11 बजे यहां से सिंहभूम चैम्बर ऑफ कामर्स के पूर्व अध्यक्ष एके श्रीवास्तव व वर्तमान अध्यक्ष रामनिवास गुप्ता व अन्य यात्री कोलकाता के लिए रवाना हुए। समारोह का संचालन संजय चौधरी, चीफ कारपोरेट कम्युनिकेशन व स्वागत भाषण चैम्बर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष आरएन गुप्ता ने दिया।
एसबीआई में एसबीएस के विलय को हरी झंडी
नई दिल्ली: एसबीआई समूह के पुनर्गठन की प्रक्रिया अब बाकायदा शुरू हो गई है। इसकी शुरुआत एसबीआई में स्टेट बैंक आफ सौराष्ट्र (एसबीएस) के विलय से होने वाली है।
भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंध निदेशक टी एस भट्टाचार्य ने कहा, 'एसबीआई के सातों सहयोगी बैंकों में स्टेट बैंक आफ सौराष्ट्र सबसे छोटा है। इस मामले में अपने अनुभवों के आधार पर ही हम बाद में अन्य बैंकों की तरफ देखेंगे।' एसबीआई और स्टेट बैंक आफ सौराष्ट्र के निदेशक मंडल ने विलय संबंधी प्रस्ताव को बाकायदा मंजूरी दे दी है।
एसबीआई के अन्य सहायक बैंकों में स्टेट बैंक आफ मैसूर, स्टेट बैंक आफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक आफ त्रावणकोर, स्टेट बैंक आफ हैदराबाद, स्टेट बैंक आफ इंदौर और स्टेट बैंक आफ पटियाला शामिल हैं। इनमें से स्टेट बैंक आफ मैसूर, स्टेट बैंक आफ बीकानेर एंड जयपुर और स्टेट बैंक आफ त्रावणकोर शेयर बाजारों में सूचीबद्ध हैं। विलय के मामले में स्टेट बैंक आफ सौराष्ट्र के बाद एसबीआई के तीनों अन्य गैर सूचीबद्ध सहायक बैंकों की बारी आने की संभावना है। सबसे अंत में इसके सूचीबद्ध सहायक बैंकों का नंबर आएगा।